राजपूताने की अद्भुत धरोहर : उदयपुर

राजपूताने-की-अद्भुत-धरोहर-उदयपुर

स्वतंत्रता स्वाभिमान तथा धर्म के लिए निरंतर संघर्ष करने वाला खूबसूरत शहर उदयपुर। कभी राजपूतों के बीच का संघर्ष, तो कभी मुगलों से, तो कभी अन्य शासकों से, हर संघर्ष की आग से तपकर निखरता गया यह शहर। यहां जैसी देशभक्ति, उदार व्यवहार तथा स्वतंत्रता के लिए उत्कृष्ट इच्छा इतिहास में कम ही स्थानों पर दिखती है।

राजस्थान का प्रमुख शहर है उदयपुर। यह अपने टूरिस्ट डेस्टिनेशन के लिए देश में ही नहीं, विदेशों में भी अति प्रसिद्ध है। उदयपुर अपने इतिहास, संस्कृति और अपने आकर्षक स्थलों सभी के लिए जाना जाता है। परंतु सबसे प्रमुख हैं यहां के लेक के कारण यह शहर झीलों की नगरी के नाम से भी जाना जाता है। राजस्थान का यह खूबसूरत शहर, सिसोदिया राजवंश द्वारा शासित मेवाड़ की राजधानी रहा है।

झीलों के साथ मरुभूमि का अनोखा संगम उदयपुर के अतिरिक्त कहीं अन्यत्र देखने को नहीं मिलता। अरावली पहाड़ी के पास स्थित यह शहर हाल ही में विश्व का सबसे खूबसूरत शहर घोषित किया गया है। राजा उदय सिंह द्वारा स्थापित इस शहर में अनेक रमणीय एवं दर्शनीय स्थान हैं। इनमें सबसे प्रमुख है सिटी पैलेस काॅम्पलेक्स। 22 राजाओं के सहयोग से 400 वर्षों में बने भवनों का समूह है सिटी पैलेस काॅम्पलेक्स।

सभी राजाओं ने अपने अपने रुचि के हिसाब से सिटी पैलेस के इर्द-गिर्द संरचनाएं की। उनका मेल मिलकर सिटी पैलेस कांप्लेक्स के रूप में वर्तमान में नजर आता है। सिटी पैलेस राजस्थान का सबसे बड़ा महल है इस महल का निर्माण शहर के संस्थापक महाराजा उदय सिंह द्वितीय ने करवाया था। यह महल 23 पीढ़ियों से राज परिवार का निवास स्थान भी है।
इस पैलेस के अंदर देखने को बहुत कुछ है। मेवाड़ की नई राजधानी की तलाश करते हुए राजा उदय सिंह को एक साधु ने वर्तमान उदयपुर में महल तथा राजधानी बनाने की आज्ञा दी थी। जो वर्तमान में सिटी पैलेस के नाम से मशहूर है।

उदयपुर के शासकों ने जल के महत्व को समझते हुए कई बांधों और जल कुंडों का निर्माण करवाया था। बेहतरीन इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट नमूना हैं यह कुंड।

पिछोला झील, दूध थाली, गोवर्धन सागर, कुमारी तालाब, रंग सागर झील, स्वरूप सागर तथा फतेहसागर झील यहां की 7 प्रमुख झीलें हैं।
इन झीलों को उदयपुर की सात बहनों के नाम से जाना जाता है। उदयपुर की जीवन रेखा की तरह यह झीलें उसके आम जनजीवन के लिए लाभकारी हैं। इनका पानी ना कभी सूखता है ना कभी अधिक बढ़ता है। यदि एक झील में पानी अधिक हो जाए तो वह अपने आप दूसरी झील में चला जाता है।

सातों झीलों में सबसे प्रमुख है पिछोला झील। सिटी पैलेस के झरोखों से विशाल पिछोला झील नजर आता है। इस झील का निर्माण एक बंजारे द्वारा करवाया गया था। इस झील में दो द्वीप हैं और दोनों पर महल बने हुए हैं। एक है जग निवास, जो अब लेक पैलेस होटल बन चुका है, और दूसरा है जग मंदिर। दोनों ही महल राजस्थानी शिल्प कला के बेहतरीन उदाहरण हैं।

इनके अलावा शिल्पग्राम है जहां अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक घरों को दिखाया गया है। यहां इन राज्यों के शास्त्रीय संगीत और नृत्य भी प्रदर्शित किए जाते हैं। उदयपुर का एक खूबसूरत नजारा मानसून पैलेस या सज्जनगढ़ भी है। सज्जनगढ़ से उदयपुर शहर और इसकी झीलों का सुंदर नजारा दिखता है।

उदयपुर में सहेलियों या दासियों के सम्मान में बनवाया गया एक खूबसूरत तथा सजा धजा बाग भी है। जिसे सहेलियों की बाड़ी कहते हैं। इसमें आकर्षक फव्वारे, कमल के तालाब, संगमरमर के हाथी आदि उत्कृष्ट कला के नमूने दिखाई देते हैं।

जगदीश मंदिर उदयपुर का बड़ा ही सुंदर प्राचीन एवं विख्यात मंदिर है। यह मंदिर लगभग 400 साल पुराना है, तथा उदयपुर का सबसे बड़ा मंदिर भी है। यह मंदिर 50 कलात्मक खंभों पर टिका है। मंदिर में चार हाथ वाले विष्णु भगवान की छवि काले पत्थर से बनी हुई प्रतिस्थापित है।

यहां के पारंपरिक हाट तथा बाजारों में मिट्टी के बर्तन, लकड़ी की नक्काशी और टेराकोटा कारीगरी के सामान, स्थानीय जेवर, जूतियां, झूले, कपड़े, घरों को सजाने वाली तरह-तरह की चीजें आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं।
कुल मिलाकर उदयपुर अपनी अद्भुत सांस्कृतिक तथा ऐतिहासिक विरासतों के साथ एक अनूठा शहर है। इस शहर का सौंदर्य हर साल लाखों लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करता है, और आने वाले का भरपूर स्वागत भी।

राजपूताने की अद्भुत धरोहर : उदयपुर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to top